भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि की बड़ी भूमिका है। हमारे देश का एक बड़ा हिस्सा खेती पर निर्भर है। किसान दिन-रात मेहनत करके अनाज उगाते हैं, लेकिन मौसम की मार, प्राकृतिक आपदाओं और बाजार में उचित मूल्य न मिलने के कारण कई बार उन्हें कर्ज लेना पड़ता है। जब यह कर्ज किसान चुका नहीं पाते, तब सरकार किसान ऋण माफी योजना लाती है।

किसान ऋण माफी क्या है?
किसान ऋण माफी का मतलब है – किसानों द्वारा बैंक, सहकारी समितियों या अन्य वित्तीय संस्थानों से लिया गया कर्ज सरकार द्वारा माफ कर दिया जाता है। यानी किसान को वह कर्ज वापस नहीं करना पड़ता।
यह योजना क्यों जरूरी है?
- प्राकृतिक आपदा : बाढ़, सूखा, तूफान या ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हो जाती है।
- कम कीमत मिलना : किसान को उसकी फसल का उचित दाम नहीं मिलता।
- कर्ज का दबाव : साहूकारों या बैंकों से लिया गया कर्ज समय पर चुकाना कठिन हो जाता है।
- आर्थिक तंगी : महंगे बीज, खाद, कीटनाशक और डीजल किसानों पर अतिरिक्त बोझ डालते हैं।
इन कारणों से किसान संकट में आ जाते हैं और ऋण माफी उनके लिए एक राहत साबित होती है।

किसानों को क्या फायदा मिलता है?
- तुरंत आर्थिक बोझ कम हो जाता है।
- किसान नई फसल बोने की तैयारी कर पाते हैं।
- आत्महत्या जैसी दुखद घटनाओं में कमी आती है।
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
किसान ऋण माफी के लिए आवेदन कैसे करें?
हर राज्य सरकार अपनी-अपनी ऋण माफी योजना लाती है और आवेदन प्रक्रिया राज्यवार अलग हो सकती है। सामान्यत: प्रक्रिया इस प्रकार होती है –
- आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन – राज्य सरकार की वेबसाइट या किसान ऋण माफी पोर्टल पर जाना होता है।
- जरूरी दस्तावेज़ – आधार कार्ड, बैंक पासबुक, ऋण से जुड़ी जानकारी (Loan Account Number), भूमि रिकॉर्ड (खसरा/खतौनी), और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करनी होती है।
- ऑनलाइन फॉर्म भरना – किसान अपने नाम, बैंक विवरण और कर्ज से जुड़ी जानकारी भरते हैं।
- बैंक/सहकारी समिति से सत्यापन – आवेदन के बाद बैंक या PACS (Primary Agricultural Credit Society) से डेटा वेरिफाई किया जाता है।
- लाभार्थी सूची – जांच पूरी होने के बाद पात्र किसानों की सूची वेबसाइट पर जारी होती है और सीधे उनके बैंक खाते में लाभ का फायदा मिलता है।
- ऑफलाइन आवेदन – कुछ राज्यों में पंचायत कार्यालय या कृषि विभाग के केंद्र पर भी ऑफलाइन फॉर्म भरे जाते हैं।
👉 किसानों को सलाह है कि वे केवल अपने राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या नोटिस पर भरोसा करें और किसी भी एजेंट या दलाल को पैसे न दें।
ऋण माफी से जुड़ी सीमाएँ
- यह केवल अस्थायी राहत है, स्थायी समाधान नहीं।
- सरकार के खजाने पर बहुत बड़ा बोझ पड़ता है।
- कई बार केवल बड़े किसानों को फायदा मिलता है, छोटे और सीमांत किसान वंचित रह जाते हैं।
- बार-बार कर्ज माफी होने से कुछ लोग जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाते।
हाल की घोषणाएँ और आँकड़े (2024–25)
- मार्च 2024 तक देश में लगभग 18.74 करोड़ किसान कृषि ऋण के बोझ तले दबे हुए हैं।
- महाराष्ट्र और पंजाब में लाखों किसानों को ऋण माफी का लाभ मिल चुका है, लेकिन अभी भी लाखों आवेदन लंबित हैं।
- पंजाब सरकार ने अनुसूचित जाति और विकलांग परिवारों के लिए ₹67.84 करोड़ की माफी को मंजूरी दी है।
- महाराष्ट्र में अब तक लगभग 44.4 लाख किसानों को माफी मिल चुकी है, जबकि 6.5 लाख से ज्यादा किसान अभी इंतजार में हैं।
आगे क्या किया जाना चाहिए?
- किसानों को उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) समय पर और सही दरों पर मिले।
- कृषि बीमा योजनाएँ हर किसान तक पहुँचें।
- सिंचाई और भंडारण की सुविधाएँ बढ़ाई जाएँ।
- किसानों को सस्ती खाद, बीज और तकनीकी साधन उपलब्ध हों।
- खेती को लाभकारी बनाने के लिए नई तकनीक और प्रशिक्षण दिया जाए।
निष्कर्ष
किसान ऋण माफी योजना किसानों को तुरंत राहत देती है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। असली मदद तभी होगी जब किसानों को उनकी उपज का सही दाम, आधुनिक खेती की सुविधाएँ और सुरक्षित भविष्य मिले। सरकार और समाज दोनों को मिलकर ऐसे कदम उठाने होंगे, ताकि किसान कर्ज के बोझ से मुक्त होकर सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जी सके।