आजकल भारत में सेकंड-हैंड कारों का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। हर कोई कम बजट में अच्छी कार लेना चाहता है और इसके लिए used cars एक बेहतर विकल्प साबित हो रही हैं। लेकिन सेकंड-हैंड कार खरीदते समय अगर आप सावधानी नहीं बरतते तो बाद में पछताना पड़ सकता है। इसलिए यहाँ हम आपको बता रहे हैं 10 ज़रूरी बातें जिनका ध्यान रखने से आप सही फैसला ले सकते हैं।

1. कार की सही ज़रूरत समझें
सबसे पहले यह तय करें कि आपको कार क्यों चाहिए – ऑफिस आने-जाने के लिए, फैमिली ट्रिप के लिए या लंबे समय तक चलाने के लिए। इससे आपको तय करने में आसानी होगी कि किस मॉडल और किस फीचर्स वाली कार आपके लिए सही रहेगी।
2. बजट पहले से तय करें
सेकंड-हैंड कार खरीदते समय अक्सर लोग असली कीमत से ज्यादा खर्च कर देते हैं। इसलिए शुरुआत में ही अपना बजट तय कर लें और उसी हिसाब से कार चुनें।
3. कार की बाहरी हालत देखें
कार खरीदने से पहले उसकी बॉडी, पेंट, स्क्रैच और डेंट को अच्छे से चेक करें। बहुत ज्यादा रिपेयर के निशान हों तो समझ जाइए कि कार एक्सीडेंट में रही है।
4. इंजन की कंडीशन चेक करें
इंजन किसी भी गाड़ी का दिल होता है। कार स्टार्ट करके आवाज सुनें, धुआं निकल रहा है या नहीं देखें, और टेस्ट ड्राइव लेकर यह सुनिश्चित करें कि इंजन स्मूदली काम कर रहा है।
5. ओडोमीटर रीडिंग पर ध्यान दें
कार कितने किलोमीटर चली है, यह बहुत अहम है। सामान्य तौर पर 3-5 साल पुरानी कार अगर 50,000 से 60,000 किलोमीटर चली है तो इसे सही माना जा सकता है।
6. सर्विस हिस्ट्री देखें
कार का सर्विस रिकॉर्ड हमेशा डिमांड करें। इससे आपको पता चलेगा कि कार की कितनी देखभाल की गई है और उसमें कितनी बार रिपेयर हुए हैं।
7. RC और डॉक्यूमेंट्स चेक करें
कार खरीदने से पहले RC (Registration Certificate), इंश्योरेंस, PUC (Pollution Under Control) और टैक्स पेपर जरूर देखें। अगर इनमें कोई कमी है तो आगे आपको दिक्कत हो सकती है।
8. टायर और ब्रेक की जांच करें
टायर घिसे हुए हैं या अच्छे हैं, यह जरूर देखें। इसके अलावा ब्रेक सही से काम कर रहे हैं या नहीं, टेस्ट ड्राइव लेकर चेक करें।
9. मैकेनिक से निरीक्षण कराएं
अगर आप कार के टेक्निकल पार्ट्स नहीं समझते तो अपने भरोसेमंद मैकेनिक को साथ ले जाएं। वह कार की असली हालत बता देगा।
10. नेगोशिएशन करें और टेस्ट ड्राइव जरूर लें
सेकंड-हैंड कारों की कीमत हमेशा कम की जा सकती है। इसलिए मोल-भाव करने में हिचकिचाएं नहीं। साथ ही, बिना टेस्ट ड्राइव लिए कभी भी फाइनल डील न करें।
निष्कर्ष
सेकंड-हैंड कार खरीदना समझदारी का काम है, लेकिन तभी जब आप सही रिसर्च और सावधानी बरतें। ऊपर बताई गई 10 बातों को ध्यान में रखकर आप न केवल अपनी पसंद की कार चुन पाएंगे बल्कि भविष्य में आने वाली परेशानियों से भी बच सकेंगे।